सीखने वाली घड़ी बनाएँ
एक डायल और दो सुइयाँ, जिन्हें काटकर जोड़ना है, ताकि सुइयाँ सच में घूमें। दोनों घेरे छपे हैं — अंदर घंटे, बाहर मिनट — क्योंकि "3 का मतलब पंद्रह मिनट" वही क़दम है जिस पर बच्चे अटकते हैं, और सादा डायल उसे छिपा देता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें
सुइयाँ घुमाने के लिए एक स्प्लिट पिन (पेपर फ़ास्टनर) चाहिए। घर में न हो, तो बीच में एक छोटा-सा चीरा लगाकर काग़ज़ की पतली पट्टी उसमें से निकालें और सिरे पीछे की ओर मोड़कर दबा दें — काम चल जाता है, बस जल्दी घिस जाता है। घड़ी लंबी चलानी हो, तो काटने से पहले डायल को गत्ते पर चिपका दें: काग़ज़ का डायल हफ़्ते भर हाथ लगने से मुड़ने लगता है। दूसरा पेज ज़्यादा कठिन हिस्सा है, और वही अक्सर छोड़ दिया जाता है: घड़ी पढ़ना और घड़ी में समय लगाना दो अलग हुनर हैं, और जो बच्चे पहला कर लेते हैं, वे अक्सर दूसरा नहीं कर पाते। हर घड़ी के नीचे समय अंकों में भी लिखा है और वैसे भी, जैसे हम बोलते हैं: 3 बजे, साढ़े 7, सवा 9, पौने 1; बाक़ी समय मिनटों के साथ, जैसे 5 बजकर 5 मिनट। 1:30 और 2:30 के लिए हिंदी में अपने अलग शब्द हैं — डेढ़ और ढाई, "साढ़े 1" या "साढ़े 2" नहीं। ये इस पेज पर नहीं हैं, इसलिए इन्हें घर की घड़ी पर अलग से सिखाएँ।
इस सेट के सभी पेज
प्रिंट करने से पहले
- 100% पर प्रिंट करें, "पेज में फ़िट करें" पर नहीं — छोटा करने से अंक भी छोटे हो जाते हैं, और पूरी बात यही है कि बच्चा एक बराबर साइज़ में लिखे।
- ब्लैक-एंड-व्हाइट और ड्राफ़्ट मोड में भी चलेगा। इन वर्कशीट में कुछ भी रंग पर निर्भर नहीं है।
- वर्कशीट को प्लास्टिक शीट प्रोटेक्टर में डाल दें, और व्हाइटबोर्ड मार्कर से एक ही पेज सौ बार काम आएगा।
इसके पीछे की सोच
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